Betiyan Kya Hoti Hain | 3 Best Hindi Poem on Daughters

BETIYAN KYA HOTI HAIN

बेटियाँ क्या होती हैं

Betiyan Kya Hoti Hain माता पिता के दिल की धड़कन, जीवन की मधुर सरगम या मन का चैन व सुकून। बेटियाँ क्या होती हैं? बताना और जताना बहुत ही मुश्किल है।

कहते हैं अपनी भावनाओं और किसी के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करने का सबसे अच्छा माध्यम है कविता।

अत: एक कवि दृदय के माध्यम से आज 27 सितम्बर ‘बेटी दिवस’ के सुअवसर पर मैं अपनी बेटियों के प्रति अपनी आत्मीयता,

प्रेम और लगाव को स्पष्ट करते हुए प्रत्तेक बेटी के मन के कोने में छिपे अपने मायके के प्रति अथाह प्रेम व भावनाओं को उजागर करने का प्रयास कर रही हूँ।

तो आइए स्वरचित कविताओं के माध्यम से बेटियों और उनके मन की अगाध गहराइयों की अनुभूतियों का अहसास करें।

कविता No 1
बेटियाँ

नन्हें कदमों से छम-छम कर, जीवन में दस्तक देती हैं।

मधुर मुस्कान बिखेर कर, जीवन महका देती हैं॥

जो नन्ही परी थी कभी, वो सोनपरी कहलातीं हैं।

छमक-छमक कर ठुमक-ठुमक कर, जल्द बड़ी हो जाती हैं॥

घर का कोना कोना जिनकी किलकारी से गूँजा है।

कभी हंसा कर कभी रुला कर, मंद-मंद मुसकातीं हैं॥

आँखों में नए सपने लिए, मन से हर खुशी मनाती हैं।

हर पल अपने साथ का, एहसास हमें दिलातीं हैं॥

जब दूर कभी भी जाती हैं, तब भी एक आस जगातीं हैं।

दिल की नज़दीकियों से मन की कलियाँ महकातीं हैं॥

ये बेटियाँ ही हैं जो मन से, हर रिश्ता निभातीं हैं।

Betiyan Kya Hoti Hain

समाज के रीति रिवाजों व परम्पराओं के अनुसार जब अपने घर की शोभा को माता पिता दूसरे के घर की शोभा बनाते हैं तब भी बेटियों के मन में माँ के आँगन की याद और स्मृति कभी विस्मृत नहीं होती।

उनका मन अपने माँ के आँगन के लिए पल-पल बस यही कहता है-

Hindi Poem on Daughters No 2
मोल नहीं

अब मन में बचपन की ललक बढ़ी, उन स्मृतियों की चमक बढ़ी।

जिनमें निश्छल प्रेम पलता था, हर किसी से मन मिलता था॥

उस आँगन में ठुमक-ठुमक कर, दुनियाँ का सुख मिलता था।

उस आँगन की आत्मीयता का कोई मोल नहीं है॥

उस छुटपन के आनंद का कोई तोल नहीं है।

सच कहें तो माँ के आँगन जैसा कोई और नहीं है॥

एक बेटी के रूप में जीवन का सफर पार करते करते जब स्वयं उसी रिश्ते के मोह से बंध जाती हैं, तब भी वो गलियाँ,

सखियाँ और बचपन के वो सुनहरे पल सदैव मन में बसाए अपनी ज़िम्मेदारी और कर्तव्यों का निर्वाह बखूबी करती हैं-

कविता No 3
गलियाँ

आज फिर उन्हीं गलियों में फेरा है, जहां कभी मेरा बचपन खेला है॥

सब कुछ वही है, फिर भी कुछ तो कमी है।

ना वो सखियाँ सहेलियां, ना वो इत्मिनान,

ना वो मस्ती, ना वो उम्र, ना वो सोच॥

जिंदगी ने करवट ली है, यही तो समय का फेरा है।

यहीं मेरा बचपन खेला है॥

नया है सफर, नई है मंजिल, नई तमन्नाए, नई उमंगें।

बदली है उम्र, बादल गए जिंदगी के मायने॥

अब किसी और का बचपन जीना है, कई किस्सों से बनी ये कहानी है।

सतरंगी जीवन की झाँकीं है, यही जिंदगी का मेला है॥

यहीं मेरा बचपन खेला है।

बेटियाँ घर की रौनक हैं, दिल की तमन्ना और मन की खुशी हैं, जो हमेशा हमारे आस-पास अपनी खुशबू बिखेरती रहती हैं। बेटियाँ अत्यंत संवेदनशील होती हैं।

जीवन के प्रत्तेक मोड़ पर उन्हें प्यार और संवेदना से ही सम्झना चाहिए। उनके फैसलों पर ध्यान देते हुए महत्व देना चाहिए।

माता-पिता को हमेशा मित्रता का व्यवहार करना चाहिए ताकि बेटियाँ अपने जीवन की समस्याएँ और सपनों को बेझिझक साझा कर सकें।

हमारी बेटियाँ हमारा मान, सम्मान और गर्व हैं। उनकी सुरक्षा और खुशी का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है।

उम्मीद करती हूँ की मेरी अनुभूतियाँ आप में से किन्हीं लोगों की भावनाएं व संवेदनाएं अवश्य स्पर्श कर सकेंगीं। आप सभी स्वस्थ रहें, मस्त रहें और सुरक्षित रहें नमस्कार

3 thoughts on “Betiyan Kya Hoti Hain | 3 Best Hindi Poem on Daughters”

  1. Amazing blog! Do you have any helpful hints for aspiring writers?
    I’m planning to start my own website soon but I’m a little lost on everything.
    Would you advise starting with a free platform
    like WordPress or go for a paid option? There are so many options out
    there that I’m completely overwhelmed .. Any recommendations?
    Kudos!

Leave a Reply

Your email address will not be published.