HINDI SAHITYA

Mahadevi ka Kavya Aur Boudh Darshan

Mahadevi ka Kavya Aur Boudh Darshan | 1 Best बौद्ध दर्शन का अर्थ और महादेवी के काव्य पर प्रभाव

Mahadevi ka Kavya Aur Boudh Darshan Mahadevi ka Kavya Aur Boudh Darshan छायावाद की अनुपम उपलब्धि रहा है। महादेवी जी का काव्य रचनाओं में मानवीय करूणा का सागर असीम और अगाध हैं। वैयक्तिक धरातल पर लोक जीवन के मूल्यों का… Read More »Mahadevi ka Kavya Aur Boudh Darshan | 1 Best बौद्ध दर्शन का अर्थ और महादेवी के काव्य पर प्रभाव

Chayavaad Aur mahadevi Varma

Chayavaad Aur Mahadevi Varma | 1 Best महादेवी वर्मा का काव्य

Chayavaad Aur Mahadevi Varma Chayavaad Aur mahadevi Varma – हिन्दी कविता में छायावाद युग द्विवेदी युग के उपरान्त आया। द्विवेदी युग की कविता नीरस, उपदेशात्मक और इतिवृत्तात्मक थी। छायावाद में इसके विरूद्ध विद्रोह करते हुए भावान्मेश युक्त कविता लिखी गई।… Read More »Chayavaad Aur Mahadevi Varma | 1 Best महादेवी वर्मा का काव्य

KATHA SAHITYA

Katha Sahitya | 2 Best हिन्दी कहानी, उपन्यास, अर्थ और विकास

कथा साहित्य Katha Sahitya हिन्दी साहित्य की महत्वपूर्ण कड़ी है। कथा साहित्य कहानी व उपन्यास विधा का सम्मिलित रूप है। हिन्दी कहानी तथा हिन्दी उपन्यास हिन्दी गद्य साहित्य की रोचक, महत्वपूर्ण एवं लोकप्रिय विधा है। कथा साहित्य के अंतर्गत कहानी… Read More »Katha Sahitya | 2 Best हिन्दी कहानी, उपन्यास, अर्थ और विकास

ANDHER NAGARI NATAK

Andher Nagari Natak | 1 BEST परिचय, कथानक और भारतेन्दु हरिश्चंद्र

अंधेर नगरी नाटक Andher Nagari Natak एक प्रहसन नाटक की श्रेणी में आता है, इसमें प्रहसन और व्यंग के माध्यम से जन विरोधी शासन व्यवस्था पर तीखा व कटाक्ष प्रहार किया गया है। अंधेर नगरी शीर्षक से ही ज्ञात होता… Read More »Andher Nagari Natak | 1 BEST परिचय, कथानक और भारतेन्दु हरिश्चंद्र

BHARTIYA RANGMANCH

Bhartiya Rangmanch | 4 Best नाट्य कला का अर्थ, परिभाषा, इतिहास और भारतेन्दु हरिश्चंद्र

भारतीय रंगमंच Bhartiya Rangmanch पुनर्जागरण आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नाट्य कला का विकास सर्वप्रथम भारत में ही हुआ इसलिए हिन्दी साहित्य में भारतीय रंगमंचका विशेष महत्व है। भारत देश जहाँ विभिन्न संस्कृतियाँ, परम्पराएँ और सभ्यताएं पाई जाती हैं, उसी… Read More »Bhartiya Rangmanch | 4 Best नाट्य कला का अर्थ, परिभाषा, इतिहास और भारतेन्दु हरिश्चंद्र

PUNARJAGRAN ANDOLAN

Punarjagran Andolan | 3 Best अर्थ, प्रभाव और भारतेन्दु युग

पुनर्जागरण आंदोलन Punarjagran Andolan अर्थात हिन्दी भाषा, हिन्दी साहित्य और साथ ही देश की प्रगति व उन्नति का समय। पुनर्जागरण आंदोलन का अर्थ, कारण तथा प्रभाव अध्ययन और प्रतियोगिता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। अत: प्रस्तुत विषय को… Read More »Punarjagran Andolan | 3 Best अर्थ, प्रभाव और भारतेन्दु युग

RITIKAVIYON KA BHAKTI NIRUPAN

Ritikaviyon Ka Bhakti Nirupan | Best 1700 – 1900 भक्ति भावना और भक्ति परंपरा

Ritikaviyon Ka Bhakti Nirupan रीतिकवियों का भक्ति निरूपण Ritikaviyon Ka Bhakti Nirupan रीतिकाल की मुख्य विशेषता न होकर गौण विशेषता है। रीतिकवियों की भक्ति भावना उनकी श्रंगारिकता और रसिकता की प्रवृति से हटा कर शांति प्रदान करने का संबल प्रतीत… Read More »Ritikaviyon Ka Bhakti Nirupan | Best 1700 – 1900 भक्ति भावना और भक्ति परंपरा

RITIKAVYA MEIN PRAKRITI CHITRAN

Ritikavya Mein Prakriti Chitran | Best 1700-1900 रीतिकालीन उत्सव और ऋतु वर्णन

Ritikavya Mein Prakriti Chitran रीतिकाव्य में प्रकृति चित्रण Ritikavya Mein Prakriti Chitran रीतिकाव्य की प्रमुख विशेषता नहीं रही, किन्तु रीतिकाव्य में प्रकृति के मनोहारी दृश्य देखने को मिलते हैं। सम्पूर्ण रीतिकाव्य में प्रकृति रीतिकालीन उत्सव व विभिन्न प्रकार की सुंदर… Read More »Ritikavya Mein Prakriti Chitran | Best 1700-1900 रीतिकालीन उत्सव और ऋतु वर्णन

RITIKAAL MEIN LOK JIWAN

Ritikaal Mein Lok Jiwan | Best 1700-1900 ग्रामीण जीवन, संस्कार, त्यौहार व धार्मिक विश्वास

Ritikaal Mein Lok Jiwan रीतिकाल में लोक जीवन Ritikaal Mein Lok Jiwan से तात्पर्य तत्कालीन ग्रामीण जन–जीवन से है। रीतिकाल में जहाँ एक ओर दरबारी वातावरण था, जो विलासिता में निमग्न अपनी संस्कृति और मानव मूल्यों को विस्मृत करता जा… Read More »Ritikaal Mein Lok Jiwan | Best 1700-1900 ग्रामीण जीवन, संस्कार, त्यौहार व धार्मिक विश्वास

Ritikavya Mein Nari

Ritikavya Mein Nari | Best 1700-1900 रीतिकाल परिचय और गौरवपूर्ण नारी

Ritikavya Mein Nari रीतिकाव्य में नारी Ritikavya Mein Nari चित्रण प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। नारी निरूपण के अंतर्गत विलासिनी नारी के रूप का वर्णन किया गया। रीतिकाव्य में तत्कालीन सामंती संस्कृति के फलस्वरूप नारी का सम्मान नष्ट होता जा… Read More »Ritikavya Mein Nari | Best 1700-1900 रीतिकाल परिचय और गौरवपूर्ण नारी